Dated:- May 2, 2017

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 547 Views

Comments:-  0 comments

श्री रामानुजाचार्य

श्रीरामानुजाचार्य का जन्म सन १०१७ ई. में हुआ था । ज्योतिषीय गणना के अनुसार तब सूर्य, कर्क राशि में स्थित था । एक राजपरिवार से सम्बंधित उनके माता-पिता का नाम कान्तिमती और आसुरीकेशव था |   श्रीरामानुजाचार्य ने भक्तिमार्ग का प्रचार करने के लिये सम्पूर्ण भारत की यात्रा की। इन्होंने भक्तिमार्ग के समर्थन में गीता […]

Continue reading >>

Dated:- April 29, 2017

Posted in:- Stories

Posted By:- Vicky Sharma

Views:- 2688 Views

Comments:-  0 comments

पुष्यमित्र शुंग

बात आज से 2100 साल पहले की है। एक किसान ब्राह्मण के घर एक पुत्र ने जन्म लिया। नाम रखा गया पुष्यमित्र। पूरा नाम पुष्यमित्र शुंग। और वो बना एक महान हिन्दू सम्राट जिसने भारत को बुद्ध देश बनने से बचाया। अगर ऐसा कोई राजा कम्बोडिया, मलेशिया या इंडोनेशिया में जन्म लेता तो आज भी […]

Continue reading >>

Dated:- April 28, 2017

Posted in:- Personalities

Posted By:- Anonymous

Views:- 2574 Views

Comments:-  0 comments

पेशवा बाजीराव की दिल्ली विजय

सवाल है कि क्या था शिवाजी का वो सपना, जिसे बाजीराव बल्लाल भट्ट ने पूरा कर दिखाया? दरअसल जब औरंगजेब के दरबार में अपमानित हुए वीर शिवाजी आगरा में उसकी कैद से बचकर भागे थे तो उन्होंने एक ही सपना देखा था, पूरे मुगल साम्राज्य को कदमों पर झुकाने का। हिन्दू मराठाओ कि ताकत का […]

Continue reading >>

Dated:- March 8, 2017

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 532 Views

Comments:-  0 comments

महिला दिवस पर विशेष

कुछ ऐसी महान नारियों जिन्होंने नारी की परिभाषा को बदल दिया। गर्व है ऐसी भुदेवणियों पर। 1. रानी लक्ष्मी बाई : झाँसी की रानी। किसी परिचय की मोहताज नही। 1857 में 2 राजाओं राजे नानासाहेब पेशवा और राजे तांत्या टोपे के साथ मिलकर विद्रोह को खड़ा किया और शहीदी ली युद्ध के मैदान में। 2. […]

Continue reading >>

Dated:- February 13, 2017

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 628 Views

Comments:-  0 comments

वैलेंटाइन डे युवाओं का एक दिवालियापन

प्रेम शब्दों का मोहताज़ नही होता प्रेमी की एक नज़र उसकी एक मुस्कुराहट सब बयां कर देती है, प्रेमी के हृदय को तृप्त करने वाला प्रेम ईश्वर का ही रूप है| एक शेर मुझे याद आता है की…. “बात आँखों की सुनो दिल में उतर जाती है जुबां का क्या है ये कभी भी मुकर […]

Continue reading >>

Dated:- February 7, 2017

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 634 Views

Comments:-  0 comments

राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है

राम केवल चुनावी मुद्दा नही बल्कि हमारे आराध्य होने के साथ-साथ हमारे गौरव का प्रतीक है | ये देश जो राम के आदर्शों का साक्षी रहा है ये अयोध्या जहां राम ने अपने जीवन आदर्शों के लिए न केवल कष्ट सहे बल्कि मनुष्यत्व के श्रेष्ठ गुणों को उसके चरम तक पहुँचाया वो राम आज केवल […]

Continue reading >>

Dated:- February 1, 2017

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 604 Views

Comments:-  0 comments

वाणी की देवी वीणापाणी और उनके श्री विगृह का मूक सन्देश

वसंत को ऋतुराज राज कहा जाता है पश्चिन का भूगोल हमारे देश में तीन ऋतुएं बताता है जबकि भारत के प्राचीन ग्रंथों में छ: ऋतुओं का वर्णन मिलता है उन सभी ऋतुओं में वसंत को ऋतुराज कहा जाता है भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है की प्रथ्वी पर जो भी दृव्य पदार्थ पाए […]

Continue reading >>

Dated:- January 11, 2017

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 641 Views

Comments:-  0 comments

विश्वेश्वर से स्वामी विवेकानंद बनने तक की यात्रा (जन्म जयन्ती विशेष)

आज 12 जनवरी 2017 में हम स्वामी विवेकानंद की 154 वी जन्म जयन्ती मना रहे है| जिसे हम युवा दिवस के रूप में जानते है| आज से 154 वर्ष पूर्व एक बालक का जन्म हुआ जिसका नाम विश्वेश्वर रखा गया जिसे घर में प्यार से नरेंद्र के नाम से बुलाया जाता था | लेकिन ये […]

Continue reading >>

Dated:- December 13, 2016

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 853 Views

Comments:-  0 comments

श्रेष्ट विद्यार्थी और गौरवशाली राष्ट्र

विद्यार्थी जीवन मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है | इस समय में बने संस्कार, सीखी हुई कलाएँ हमारा भविष्य निर्धारित करती हैं | इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि मनुष्य अपने विद्यार्थी जीवन से ही देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझे | इससे वह अपने जीवन को इस प्रकार […]

Continue reading >>

Dated:- November 16, 2016

Posted in:- Vichaar

Posted By:- Anonymous

Views:- 760 Views

Comments:-  0 comments

धन उपार्जन और आपका विवेक (पंकज “प्रखर”)

धन उपार्जन और आपका विवेक पंकज “प्रखर” पिछले दिनों अमीरी को इज्जत का माध्यम माना जाता रहा है। इज्जत पाना हर मनुष्य की स्वाभाविक इच्छा है। इसलिये प्रचलित मान्यताओं के अनुसार हर मनुष्य अमीरी का इच्छुक रहता है, ताकि उसे दूसरे लोग बड़ा आदमी समझें और इज्जत करें। अमीरी सीधे रास्ते नहीं आ सकती। उसके […]

Continue reading >>