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स्वामी रामदेवजी, नरेन्द्र मोदीजी और सुब्रमनियम स्वामीजी से ही क्यों डरती है कांग्रेस ?

१-स्वामी रामदेव जी के तर्क के आगे कांग्रेस के तथाकथित प्रवक्ता ५ मिनट भी नहीं टिकते है और काले धन के बारे में प्राप्त होती नयी नयी खातेदारो की सूचि से सरकार परेशान हो चुकी है की अब जनता को कैसे बरगलाया जाये. .

२- राम देव जी के पास कांग्रेस का वास्तविक इतिहास का साक्ष्य है, उनके खानदानी नेताओ की असलियत, उनके कारनामो का काला चिटठा, नेहरू और गाँधी खानदान की जड़, उनका हिंदूविरोधी होने का कारन सब कुछ उजागर हो चूका है. कांग्रेस के हिंदू विरोधी कानूनों की वजह सबको मालूम पड़ गयी है.

३- रामदेव जी का एक स्थाई कार्यकर्ताओ की जमात का खड़ा हो जाना जो की सिर्फ राष्ट्रवाद के नारे से जुड़ा हुआ है और इन कार्यकर्ताओ का जल्दी से जल्दी व्यवस्था और सत्ता परिवर्तन की अकुलाहट कांग्रेस के लिए चिंता का कारन है.

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मंदिर में जाने से पहले आखिर क्यों बजाते है घंटी

हिंदू धर्म से जुड़े प्रत्येक मंदिर और धार्मिक स्थलों के बाहर आप सभी ने बड़े-बड़े घंटे या घंटियां लटकी तो अवश्य देखी होंगी जिन्हें मंदिर में प्रवेश करने से पहले भक्त श्रद्धा के साथ बजाते हैं. लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि इन घंटियों को मंदिर के बाहर लगाए जाने के पीछे क्या कारण है या फिर धार्मिक दृष्टिकोण से इनका औचित्य क्या है?

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मंदिर जाने का वैज्ञानिक महत्व

– वैदिक पद्धति के अनुसार मंदिर वहां बनाना चाहिए जहां से पृथ्वी की चुम्बकीय तरंगे घनी हो कर जाती है. – इन मंदिरों में गर्भ गृह में देवता की मूर्ती ऐसी जगह पर स्थापित...

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Why to give Bharatratna to Major Dhyan Chand

Shree Dhyaanchand was among those who made Hitler his fan and he requested to accept Germany Citizenship and play for Germany & in return he will get as much as Money and a he will be head of his Army . but He refused saying he does not play for money but for Country .

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शिव और शक्ति

देवीभागवत के अनुसार शिव भी शक्ति के अभाव में शव या निष्क्रिय बताएं गए हैं। मनुष्य की विभिन्न प्रकार की शक्तियों को प्राप्त करने की अनंत इच्छा ने शक्ति की उपासना को व्यापक आयाम दिया है। यहां प्रस्तुत है माता के अनेकों रूपों का वर्णन। इन्होंने ने ही अपने योग्य पुरूषों का निर्माण किया जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश कहे जाते हैं|

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18 जून ( १३ ज्येष्ठ ) हिन्दू राष्ट्र दिवस

यह देश जब शिवाजी जैसा होगा , इस देश के किसी भी भाग से तब हिन्दुओं का पलायन नही होगा l शिवाजी ने इस देश में हिन्दू राज्य की स्थापना इस दिन की थी...

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वर्तमान समय में संघ की आवश्यकता

वर्तमान समय में संघ की आवश्यकता….
….हम सुना करते हैं ”सतत जागरूकता ही स्वतंत्रता का सही मूल्य है ”……तो क्या हमारा राष्ट्र इतना प्रबल इच्छा शक्ति संपन्न और सुसंघठित हो गया है?.क्या हम अपने युवकों के नेत्र में पौरुष और आदर्शवाद की चमक देख सकते हैं??…इसके विपरीत हम अपने युवकों को विदेशी फैशनों की भद्दी नक़ल करते हुए तथा इन्द्रिय विषयोंपभोग में लिप्त देखते हैं….आधुनिकता का अर्थ हो गया है ”स्त्रैणता”…….आज वेष में,स्वभाव में,साहित्य में तरुण पुरुषों का आधुनिक फैशन बना है-अधिकाधिक स्त्रैण रूप में दिखाई पड़ना………..यह खतरे का संकेत है जिसके प्रति हम दुर्लक्ष्य नहीं कर सकते……………हमें कम से कम इतिहास से शिक्षा तो लेनी चाहिए –

33 Vedic Gods 1

33 Vedic Gods

In the Vedas, there is a mention of 33 Deities/Devas. These Gods are separated in the following pattern : 12 + 11 + 8 + 2. 12 is the number of Adityas, 11 are the...

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कौन थे चंद्र शेखर आजाद ?

किसी ने आकर आजाद से कहा तुम्हारे माँ बाप के पास रोटी- खाने को पैसा नहीं है | जो तुम लूटते हो पार्टी का फंड तुम्हारे पास रहता है क्या माँ -बाप को रोटी के लिए भी नहीं दे सकते ?

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चिकित्सा में पंचगव्य क्यों महत्वपूर्ण है?

गाय के दूध, घृत, दधी, गोमूत्र और गोबर के रस को मिलाकर पंचगव्य तैयार होता है। पंचगव्य के प्रत्येक घटक द्रव्य महत्वपूर्ण गुणों से संपन्न हैं।
गाय का घी विशेष रूप से नेत्रों के लिए उपयोगी और बुद्धि-बल दायक होता है। इसका सेवन कांतिवर्धक माना जाता है।
गोमूत्र प्लीहा रोगों के निवारण में परम उपयोगी है। रासायनिक दृष्टि से देखने पर इसमें पोटेशियम, मैग्रेशियम, कैलशियम, यूरिया, अमोनिया, क्लोराइड, क्रियेटिनिन जल एवं फास्फेट आदि द्रव्य पाये जाते हैं।