Dated:- May 5, 2017

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श्री जगतगुरु आदि शंकराचार्य

आदि शकराचार्य आदि शंकराचार्य जी के पिता शिव गुरु जी तैत्तिरीय शाखा के यजुर्वेदी ब्राह्मण थे । उनके विवाह के कई वर्ष बाद भी उनकी से सन्तान नहीं हुई । उन्होंने अपनी पत्नी के साथ से संतान प्राप्ति के लिए कठोर साधना की। अंततः भगवान शंकर ने उन्हें दर्शन दिए और कहा , ” वर […]

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Dated:- May 2, 2017

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श्री रामानुजाचार्य

श्रीरामानुजाचार्य का जन्म सन १०१७ ई. में हुआ था । ज्योतिषीय गणना के अनुसार तब सूर्य, कर्क राशि में स्थित था । एक राजपरिवार से सम्बंधित उनके माता-पिता का नाम कान्तिमती और आसुरीकेशव था |   श्रीरामानुजाचार्य ने भक्तिमार्ग का प्रचार करने के लिये सम्पूर्ण भारत की यात्रा की। इन्होंने भक्तिमार्ग के समर्थन में गीता […]

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Dated:- April 29, 2017

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Posted By:- Vicky Sharma

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पुष्यमित्र शुंग

बात आज से 2100 साल पहले की है। एक किसान ब्राह्मण के घर एक पुत्र ने जन्म लिया। नाम रखा गया पुष्यमित्र। पूरा नाम पुष्यमित्र शुंग। और वो बना एक महान हिन्दू सम्राट जिसने भारत को बुद्ध देश बनने से बचाया। अगर ऐसा कोई राजा कम्बोडिया, मलेशिया या इंडोनेशिया में जन्म लेता तो आज भी […]

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Dated:- April 28, 2017

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पेशवा बाजीराव की दिल्ली विजय

सवाल है कि क्या था शिवाजी का वो सपना, जिसे बाजीराव बल्लाल भट्ट ने पूरा कर दिखाया? दरअसल जब औरंगजेब के दरबार में अपमानित हुए वीर शिवाजी आगरा में उसकी कैद से बचकर भागे थे तो उन्होंने एक ही सपना देखा था, पूरे मुगल साम्राज्य को कदमों पर झुकाने का। हिन्दू मराठाओ कि ताकत का […]

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Dated:- March 8, 2017

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महिला दिवस पर विशेष

कुछ ऐसी महान नारियों जिन्होंने नारी की परिभाषा को बदल दिया। गर्व है ऐसी भुदेवणियों पर। 1. रानी लक्ष्मी बाई : झाँसी की रानी। किसी परिचय की मोहताज नही। 1857 में 2 राजाओं राजे नानासाहेब पेशवा और राजे तांत्या टोपे के साथ मिलकर विद्रोह को खड़ा किया और शहीदी ली युद्ध के मैदान में। 2. […]

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Dated:- February 13, 2017

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वैलेंटाइन डे युवाओं का एक दिवालियापन

प्रेम शब्दों का मोहताज़ नही होता प्रेमी की एक नज़र उसकी एक मुस्कुराहट सब बयां कर देती है, प्रेमी के हृदय को तृप्त करने वाला प्रेम ईश्वर का ही रूप है| एक शेर मुझे याद आता है की…. “बात आँखों की सुनो दिल में उतर जाती है जुबां का क्या है ये कभी भी मुकर […]

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Dated:- February 7, 2017

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राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है

राम केवल चुनावी मुद्दा नही बल्कि हमारे आराध्य होने के साथ-साथ हमारे गौरव का प्रतीक है | ये देश जो राम के आदर्शों का साक्षी रहा है ये अयोध्या जहां राम ने अपने जीवन आदर्शों के लिए न केवल कष्ट सहे बल्कि मनुष्यत्व के श्रेष्ठ गुणों को उसके चरम तक पहुँचाया वो राम आज केवल […]

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Dated:- February 1, 2017

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वाणी की देवी वीणापाणी और उनके श्री विगृह का मूक सन्देश

वसंत को ऋतुराज राज कहा जाता है पश्चिन का भूगोल हमारे देश में तीन ऋतुएं बताता है जबकि भारत के प्राचीन ग्रंथों में छ: ऋतुओं का वर्णन मिलता है उन सभी ऋतुओं में वसंत को ऋतुराज कहा जाता है भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है की प्रथ्वी पर जो भी दृव्य पदार्थ पाए […]

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Dated:- January 11, 2017

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विश्वेश्वर से स्वामी विवेकानंद बनने तक की यात्रा (जन्म जयन्ती विशेष)

आज 12 जनवरी 2017 में हम स्वामी विवेकानंद की 154 वी जन्म जयन्ती मना रहे है| जिसे हम युवा दिवस के रूप में जानते है| आज से 154 वर्ष पूर्व एक बालक का जन्म हुआ जिसका नाम विश्वेश्वर रखा गया जिसे घर में प्यार से नरेंद्र के नाम से बुलाया जाता था | लेकिन ये […]

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Dated:- December 13, 2016

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श्रेष्ट विद्यार्थी और गौरवशाली राष्ट्र

विद्यार्थी जीवन मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है | इस समय में बने संस्कार, सीखी हुई कलाएँ हमारा भविष्य निर्धारित करती हैं | इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि मनुष्य अपने विद्यार्थी जीवन से ही देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझे | इससे वह अपने जीवन को इस प्रकार […]

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