Dated:- July 26, 2017

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राष्ट्र के विनाश में “गद्दारों” की भूमिका

मुझे इसमें कोई शक नहीं कि भारत “ऋषियों और मुनियों” की “कर्मभूमि” रहा है | इसमें भी कोई शक नहीं के भारत उस समय “विश्व गुरु” था, जब विश्व में दूसरे देशों के लोग “भूखे और नंगे डकैती डालते” हुये घूमा करते थे | इसमें भी कोई शक नहीं कि प्राचीन काल से भारत अध्यात्मिक […]

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Dated:- June 19, 2017

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भारत का महान सम्राट अकबर नही महाराणा प्रताप थे

राजस्थान की भूमि वीर प्रसूता रही है इस भूमि पर ऐसे-ऐसे वीरों ने जन्म लिया है जिन्होंने अपने देश की रक्षा में न केवल अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया बल्कि शत्रुदल को भी अपनी वीरता का लोहा मानने पर विवश कर दिया | लेकिन दुर्भाग्य ये रहा की हमारे देश का इतिहास ऐसे मुर्ख […]

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Dated:- May 31, 2017

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केरल में गाये को सरेआम काटना

भगवान, अर्जुन को पूरी गीता में हिंसा और युद्ध में फ़र्क़ बताते रहे । हिंसा एक मानसिक स्थिति है, ग़लत है और विनाशकारी है, युद्ध एक व्यवहारिक स्थिति है और यदि धर्म स्थापना के लिए किया जाए तो सत्य है, और कल्याणकारी है । इसलिए, रणचंडी के पुत्रों को हिंसा के तो नहीं पर युद्ध […]

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Dated:- May 26, 2017

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KPS Gill

    जब पंजाब में 37000 हिंदुओं की हत्या हो चुकी थी सिख आतंकवाद के दौर में। जब नारे लगते थे मूर्ति,बोदी, टोपी, तीनों जमुना पर। खालिस्तान का झंडा, करेंसी और राष्ट्रपति तक घोषित कर दिया गया था। जब पंजाब में मंदिरों पर बम विस्फोट होते थे, हिंदुओं को बसों दे उतार उतार कर मारा […]

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Dated:- May 5, 2017

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श्री जगतगुरु आदि शंकराचार्य

आदि शकराचार्य आदि शंकराचार्य जी के पिता शिव गुरु जी तैत्तिरीय शाखा के यजुर्वेदी ब्राह्मण थे । उनके विवाह के कई वर्ष बाद भी उनकी से सन्तान नहीं हुई । उन्होंने अपनी पत्नी के साथ से संतान प्राप्ति के लिए कठोर साधना की। अंततः भगवान शंकर ने उन्हें दर्शन दिए और कहा , ” वर […]

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Dated:- May 2, 2017

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श्री रामानुजाचार्य

श्रीरामानुजाचार्य का जन्म सन १०१७ ई. में हुआ था । ज्योतिषीय गणना के अनुसार तब सूर्य, कर्क राशि में स्थित था । एक राजपरिवार से सम्बंधित उनके माता-पिता का नाम कान्तिमती और आसुरीकेशव था |   श्रीरामानुजाचार्य ने भक्तिमार्ग का प्रचार करने के लिये सम्पूर्ण भारत की यात्रा की। इन्होंने भक्तिमार्ग के समर्थन में गीता […]

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Dated:- April 29, 2017

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Posted By:- Vicky Sharma

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पुष्यमित्र शुंग

बात आज से 2100 साल पहले की है। एक किसान ब्राह्मण के घर एक पुत्र ने जन्म लिया। नाम रखा गया पुष्यमित्र। पूरा नाम पुष्यमित्र शुंग। और वो बना एक महान हिन्दू सम्राट जिसने भारत को बुद्ध देश बनने से बचाया। अगर ऐसा कोई राजा कम्बोडिया, मलेशिया या इंडोनेशिया में जन्म लेता तो आज भी […]

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Dated:- April 28, 2017

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पेशवा बाजीराव की दिल्ली विजय

सवाल है कि क्या था शिवाजी का वो सपना, जिसे बाजीराव बल्लाल भट्ट ने पूरा कर दिखाया? दरअसल जब औरंगजेब के दरबार में अपमानित हुए वीर शिवाजी आगरा में उसकी कैद से बचकर भागे थे तो उन्होंने एक ही सपना देखा था, पूरे मुगल साम्राज्य को कदमों पर झुकाने का। हिन्दू मराठाओ कि ताकत का […]

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Dated:- March 8, 2017

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महिला दिवस पर विशेष

कुछ ऐसी महान नारियों जिन्होंने नारी की परिभाषा को बदल दिया। गर्व है ऐसी भुदेवणियों पर। 1. रानी लक्ष्मी बाई : झाँसी की रानी। किसी परिचय की मोहताज नही। 1857 में 2 राजाओं राजे नानासाहेब पेशवा और राजे तांत्या टोपे के साथ मिलकर विद्रोह को खड़ा किया और शहीदी ली युद्ध के मैदान में। 2. […]

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Dated:- February 13, 2017

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वैलेंटाइन डे युवाओं का एक दिवालियापन

प्रेम शब्दों का मोहताज़ नही होता प्रेमी की एक नज़र उसकी एक मुस्कुराहट सब बयां कर देती है, प्रेमी के हृदय को तृप्त करने वाला प्रेम ईश्वर का ही रूप है| एक शेर मुझे याद आता है की…. “बात आँखों की सुनो दिल में उतर जाती है जुबां का क्या है ये कभी भी मुकर […]

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