Category: Vichaar

मानव का विकास और दशावतार 0

मानव का विकास और दशावतार

एक माँ अपने पूजा-पाठ से फुर्सत पाकर अपने विदेश में रहने वाले बेटे से विडियो चैट करते वक्त पूछ बैठीं | बेटा! कुछ पूजा-पाठ भी करते हो या नहीं ? बेटा बोला- माँ, मैं...

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नागचंद्रेश्वर

भारत में नागों के अनेक मंदिर हैं, इन्हीं में से एक है, उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर का। इस विश्व प्रसिद्ध मंदिर की खास बात यह है कि इसके पट साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी...

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दामोदर विनायक सावरकर

दामोदर विनायक सावरकर दुनिया के अकेले ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्हें दो-दो आजीवन कारावास की सजा मिली, जिसमे उन्हें 50 साल कालापानी में बिताने थे। दो जन्मों की सजा सुनाये जाने पर भी सावरकर...

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वीर हकीकत राय

पंजाब के सियालकोट मे जन्में वीर हकीकत राय जन्म से ही कुशाग्र बुद्धि के बालक थे। यह बालक 4-5 वर्ष की आयु मे ही इतिहास तथा संस्कृत आदि विषय का पर्याप्त अध्ययन कर लिया था।...

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Somnath Temple

Somnath is not some entertainment park that tourists can visit in their leisure time. The temple is a landmark of Sanatan civilization. Every single ancient temple from western Arabia to Somnath was destroyed by...

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भारत का बुद्ध धर्म

बुद्ध धर्म 2 प्रकार का है; पहला भारत के बाहर और दूसरा भारत के अंदर। अगर आपको भारत के बाहर के बुद्ध धर्म का उदय समझना है तो आपको इस्कॉन को समझना होगा। इस्कॉन...

मोदी और भारत का प्रभुत्व 0

मोदी और भारत का प्रभुत्व

अमेरिका के प्रसिद्ध संपादक-लेखक जोसेफ हॉप का प्रसिद्ध अमेरिकी अखबार, न्यूयॉर्क टाइम्ज़ (हिंदी अनुवाद) मोदी के 2002 के गोधरा दंगों के बाद इस व्यक्ति की आश्चर्यजनक जीत जैसे मुर्दा से वोट पाने की कला।...

बहुत पुरानी बात नहीं है 0

बहुत पुरानी बात नहीं है

बहुत पुरानी बात नहीं है और यह कोई किस्सा कहानी भी नहीं है | १९९६ में लोकसभा की वह बहस है, जिसके टीवी साक्ष्य यू ट्यूब पर आसानी से उपलब्ध हैं | वाजपेयी जी...

‘भारत छोड़ो’ आंदोलन पूर्णतः असफल आंदोलन 0

‘भारत छोड़ो’ आंदोलन पूर्णतः असफल आंदोलन

1942 का ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन पूर्णतः असफल आंदोलन था। यह कांग्रेसियों द्वारा गढ़ा एक मिथक है कि इस आंदोलन के कारण ब्रिटिश साम्राज्य की भारत से विदाई हुई थी और भारत स्वतंत्र हुआ था।...

राष्ट्र के विनाश में “गद्दारों” की भूमिका 0

राष्ट्र के विनाश में “गद्दारों” की भूमिका

मुझे इसमें कोई शक नहीं कि भारत “ऋषियों और मुनियों” की “कर्मभूमि” रहा है | इसमें भी कोई शक नहीं के भारत उस समय “विश्व गुरु” था, जब विश्व में दूसरे देशों के लोग...