Dated:- October 30, 2017

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भारत का बुद्ध धर्म

बुद्ध धर्म 2 प्रकार का है; पहला भारत के बाहर और दूसरा भारत के अंदर। अगर आपको भारत के बाहर के बुद्ध धर्म का उदय समझना है तो आपको इस्कॉन को समझना होगा। इस्कॉन श्रीकृष्ण भक्ति के प्रचार की संस्था है। इस्कॉन के सदस्य सिर्फ श्रीकृष्ण को ही ईश्वर मानते हैं और वे किसी अन्य […]

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Dated:- September 26, 2017

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मोदी और भारत का प्रभुत्व

अमेरिका के प्रसिद्ध संपादक-लेखक जोसेफ हॉप का प्रसिद्ध अमेरिकी अखबार, न्यूयॉर्क टाइम्ज़ (हिंदी अनुवाद) मोदी के 2002 के गोधरा दंगों के बाद इस व्यक्ति की आश्चर्यजनक जीत जैसे मुर्दा से वोट पाने की कला। इस व्यक्ति से अमेरिका को कई खतरे हैं जो खतरे के साथ हिटलर थे। पर अमेरिका जानता था कि हिटलर उसका […]

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Dated:- September 22, 2017

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बहुत पुरानी बात नहीं है

बहुत पुरानी बात नहीं है और यह कोई किस्सा कहानी भी नहीं है | १९९६ में लोकसभा की वह बहस है, जिसके टीवी साक्ष्य यू ट्यूब पर आसानी से उपलब्ध हैं | वाजपेयी जी की १३ दिन की सरकार के बाद कांग्रेस के बाहरी समर्थन से संयुक्त मोर्चा की सरकार बनती है और देवेगौड़ा उसके […]

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Dated:- August 11, 2017

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‘भारत छोड़ो’ आंदोलन पूर्णतः असफल आंदोलन

1942 का ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन पूर्णतः असफल आंदोलन था। यह कांग्रेसियों द्वारा गढ़ा एक मिथक है कि इस आंदोलन के कारण ब्रिटिश साम्राज्य की भारत से विदाई हुई थी और भारत स्वतंत्र हुआ था। उस वक्त का समकालीन इतिहास और लोगो के व्यक्तिगत संस्मरण, यही बतलाते है कि इस आंदोलन को सफलता पूर्वक अंग्रेजो ने […]

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Dated:- July 26, 2017

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राष्ट्र के विनाश में “गद्दारों” की भूमिका

मुझे इसमें कोई शक नहीं कि भारत “ऋषियों और मुनियों” की “कर्मभूमि” रहा है | इसमें भी कोई शक नहीं के भारत उस समय “विश्व गुरु” था, जब विश्व में दूसरे देशों के लोग “भूखे और नंगे डकैती डालते” हुये घूमा करते थे | इसमें भी कोई शक नहीं कि प्राचीन काल से भारत अध्यात्मिक […]

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Dated:- June 19, 2017

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भारत का महान सम्राट अकबर नही महाराणा प्रताप थे

राजस्थान की भूमि वीर प्रसूता रही है इस भूमि पर ऐसे-ऐसे वीरों ने जन्म लिया है जिन्होंने अपने देश की रक्षा में न केवल अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया बल्कि शत्रुदल को भी अपनी वीरता का लोहा मानने पर विवश कर दिया | लेकिन दुर्भाग्य ये रहा की हमारे देश का इतिहास ऐसे मुर्ख […]

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Dated:- May 31, 2017

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केरल में गाये को सरेआम काटना

भगवान, अर्जुन को पूरी गीता में हिंसा और युद्ध में फ़र्क़ बताते रहे । हिंसा एक मानसिक स्थिति है, ग़लत है और विनाशकारी है, युद्ध एक व्यवहारिक स्थिति है और यदि धर्म स्थापना के लिए किया जाए तो सत्य है, और कल्याणकारी है । इसलिए, रणचंडी के पुत्रों को हिंसा के तो नहीं पर युद्ध […]

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Dated:- May 26, 2017

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KPS Gill

    जब पंजाब में 37000 हिंदुओं की हत्या हो चुकी थी सिख आतंकवाद के दौर में। जब नारे लगते थे मूर्ति,बोदी, टोपी, तीनों जमुना पर। खालिस्तान का झंडा, करेंसी और राष्ट्रपति तक घोषित कर दिया गया था। जब पंजाब में मंदिरों पर बम विस्फोट होते थे, हिंदुओं को बसों दे उतार उतार कर मारा […]

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Dated:- May 5, 2017

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श्री जगतगुरु आदि शंकराचार्य

आदि शकराचार्य आदि शंकराचार्य जी के पिता शिव गुरु जी तैत्तिरीय शाखा के यजुर्वेदी ब्राह्मण थे । उनके विवाह के कई वर्ष बाद भी उनकी से सन्तान नहीं हुई । उन्होंने अपनी पत्नी के साथ से संतान प्राप्ति के लिए कठोर साधना की। अंततः भगवान शंकर ने उन्हें दर्शन दिए और कहा , ” वर […]

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Dated:- May 2, 2017

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श्री रामानुजाचार्य

श्रीरामानुजाचार्य का जन्म सन १०१७ ई. में हुआ था । ज्योतिषीय गणना के अनुसार तब सूर्य, कर्क राशि में स्थित था । एक राजपरिवार से सम्बंधित उनके माता-पिता का नाम कान्तिमती और आसुरीकेशव था |   श्रीरामानुजाचार्य ने भक्तिमार्ग का प्रचार करने के लिये सम्पूर्ण भारत की यात्रा की। इन्होंने भक्तिमार्ग के समर्थन में गीता […]

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